Who Is Sheesha Man In Csk: एमएस धोनी (MS Dhoni) की पर्सनैसिटी ऐसी है कि वो हमेशा से काफी सीरियस और अनप्रिडिक्टेबल रहे हैं. मैदान पर उनकी शांत कप्तानी और तेज फैसलों ने उन्हें “कैप्टन कूल” का टैग भी दिलवाया है, लेकिन मैदान के बाहर भी उनका अंदाज़ उतना ही अलग और दिलचस्प है.
हाल ही में इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज सैम बिलिंग्स ने एक ऐसा किस्सा शेयर किया है, जिसने धोनी की पर्सनल लाइफ की एक नई तस्वीर सामने रखी है. उन्होंने कहा है कि धोनी अपने होटल रूम में हुक्का पीते हैं और उनके लिए टीम के एक खिलाड़ी खलील अहमद उनके शीशा मैन हैं, जिसका एक ही काम है उनके लिए हुक्का तैयार करना.
Who Is Sheesha Man In Csk: MS Dhoni के ‘शीशा मैन’ के नाम का हुआ खुलासा
दरअसल, सीएसके के लिए खेल चुके सैम बिलिंग्स (Sam Billings) ने एक क्रिकेट पॉडकास्ट में बताया है कि धोनी के होटल रूम में एक शीशा मैन रहते हैं, जिनका काम ही उनके लिए हुक्का तैयार करना है. ये और कोई नहीं, बल्कि तेज गेंदबाज खलील अहमद हैं.
उनके मुताबिक, आईपीएल के दौरान टीम के ज्यादातार खिलाड़ी मैच के बाद होटल के बार में जाकर समय बिताते थे और ये खिलाड़ियों के लिए स्ट्रेस कम करने और आपसी बातचीत का आम तरीका होता है। लेकिन धोनी इस भीड़-भाड़ वाले माहौल से दूरी बनाए रखते थे. वो बार में बेहद ही कम आना पसंद करते थे और ज्यादातार समय अपने ही कमरे में आराम करना पसंद करते थे.
बता दें कि धोनी के लिए हुक्का सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि टीम को एक-साथ जोड़े रखने का तरीका है. बिलिंग्स और माइकल हसी ने बताया कि धोनी का होटल रूम टीम के लिए 24*7 लाउंज जैसा रहता है, क्योंकि धोनी की पॉपुलैरिटी के चलते वो होटल बार या कैफे नहीं जा सकते, इसलिए वो अपने रूम को ही सोशल स्पेस बना लेते हैं.
Who Is Sheesha Man In Csk: सैम बिलिंग्स का बड़ा बयान
इसी के साथ खुलासा करते हुए सैम बिलिंग्स ने बताया कि धोनी को हुक्का पसंद था और वो इसे अपने कमरे में ही एंजॉय करते थे. इतना ही नहीं, उनके पास तो ये काम करने के लिए अलग से एक स्टाफ भी रहता था, जो कि उनके लिए शीशा मैन बनकर काम करता था.
इस हुक्का डिप्लोमेसी ने सीएसके में परिवार जैसा माहौल तो बनाया, लेकिन सवाल ये है कि क्या एक टॉप एथलीट कभी-कभी हुक्का पी सकता है? मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबित, एक घंटे का हुक्का सेशन 100 सिगरेट जितना धुआं फेफड़ों में पहुंचा सकता है. कोयले से निकलने वाला कार्बन मोनोऑक्साइड और हैवी मेटल्स खिलाड़ी की फिटनेस पर असर डाल सकते है. हालांकि ये हुक्का सेशल शौकियां तौर पर था या फिर इसकी आदत टीम को लगी हुई थी, ये कह पाना थोड़ा मुश्किल है.
