Mumbai Indians Without Hardik Pandya: बीते दिन मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। आईपीएल 2026 के 47वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हराकर ये जाहिर कर दिया कि वो अभी भी इस टूर्नामेंट में वापसी कर सकते हैं। 229 रन का बड़ा टारगेट मिलने के बाद भी मुंबई ने इसे पहले के 10 ओवरों में ही एक तरफा कर दिया था।
क्योंकि रोहित शर्मा और रयान रिकेल्टन ने पहले विकेट के लिए 143 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वहीं खास बात ये रही कि रोहित शर्मा इस मैच की प्लेइंग इलेवन में नहीं थे, बल्कि वे रघु शर्मा की जगह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में बल्लेबाजी करने उतरे थे।
Hardik Pandya And Team Management: क्या मैनेजमेंट और हार्दिक के बीच सबकुछ है ठीक?

लेकिन इस बीच अब एक सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि आखिर हार्दिक पांड्या के टीम से बाहर होते ही, मुंबई की टीम में ऐसा क्या हो गया कि वो इतने बड़े टारगेट के मैच भी एक तरफा जीतने लगी। क्या हार्दिक और टीम मैनेजमेंट के बीच सबकुछ सही है? और अगर हैं, तो आखिर हार्दिक की कप्तानी में टीम के कई प्लेयर्स बेहतरीन परफॉर्म क्यों नही कर पा रहे थे? ऐसे कई सवाल अब लोगो के मन में आ रहे हैं।
Rohit Sharma Comeback: हार्दिक के बाहर होते ही रोहित शर्मा का कमबैक

दरअसल ऐसे सवालों का आना लाजमी भी है, क्योंकि पिछले कई मैचों से जो रोहित शर्मा चोट की वजह से बाहर थे। वो अचानक से हार्दिक के टीम से बाहर होते ही ठीक हो गए और उन्होंने अर्धशतक जड़ते हुए 44 गेंदों में 84 रनों की पारी भी खेल डाली। वहीं सूर्यकुमार यादव को कैप्टेंसी मिलते ही टीम की परफॉर्मेंस में भी काफी सुधार आ गया। तो क्या इसमें हार्दिक पांड्या की कमी थी या टीम मैनेजमेंट की? इसपर बात होनी तो बनती है।
Mumbai Indians Under Hardik Pandya: हार्दिक पांड्या की कप्तानी में क्या था टीम का हाल?

टीम ने कल के मैच से पहले 9 मैच खेले थे, जिसमें हार्दिक पांड्या ने कप्तानी की थी और उन 9 मैचों में से मुंबई इंडियंस को सिर्फ 2 में ही जीत मिल पाई थी। वहीं लगातार कई मैच मुंबई इंडियंस ने हारे भी थे, लेकिन जैसे ही 10वें मैच से हार्दिक को बाहर किया गया और सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया वैसे ही टीम की जीत मानों पक्की हो गई।
Mumbai Indians Without Hardik Pandya: सूर्यकुमार की कप्तानी में टीम का प्रदर्शन

क्योंकि सूर्यकुमार की कप्तानी में टीम का एफर्ट शुरू से ही डामिनेट करने वाला नजर आया, जबकि हार्दिक की कप्तानी में अब तक ऐसा देखने को नहीं मिला था। हार्दिक पांड्या की कप्तानी में टीम सिचुएशन के हिसाब से खेलती हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में मकसद सिर्फ एक ही दिखा और वो था प्योर डामिनेशन।
तो क्या ये चींजे जानबूझकर की जा रही थी, ताकि हार्दिक की कप्तानी पर सावल उठे या फिर इसके पीछे रिजन कुछ और ही था? अब ये तो आने वाले समय में ही पता चल पाएगा।
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