Super Over Controversy: इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले के खत्म होते होते जमकर ड्रामा देखने को मिला, क्योंकि जितनी बातें मैच में इंडिया ए के हारने की हुईं उतनी ही चर्चा मैच के बाद हुए विवादों की भी अब हो रही है। मुकाबला टाई होने के बाद सुपर ओवर कराया गया, लेकिन इस दौरान अंपायरों के फैसलों और खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने पूरे मैच को सुर्खियों में ला दिया।
हालांकि सबसे बड़ा सवाल फ्लडलाइट्स को लेकर उठ रहा है। शाम के छह बजे के बाद मैदान पर अंधेरा बढ़ता जा रहा था, बावजूद इसके सुपर ओवर के दौरान स्टेडियम की फ्लडलाइट्स चालू नहीं की गईं। दिलचस्प बात यह है कि मैदान में फ्लडलाइट्स की सुविधा मौजूद थी, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं किया गया।
Why Weren’t The Floodlights Switched On: क्यों नहीं जलाई गईं फ्लडलाइट्स?

जानकारी के मुताबिक, इस ट्राई-नेशन सीरीज के आयोजन से पहले ही यह तय कर लिया गया था कि सभी मुकाबले सिर्फ नेचुरल रोशनी (यानी डे-लाइट) में खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के नियमों के तहत फ्लडलाइट्स के इस्तेमाल की अनुमति नहीं थी, ताकि दोनों टीमों को एक समान सिचुएशन में खेलने का मौका मिले।
हालांकि यही नियम बाद में विवाद का कारण बन गया। जब निर्धारित समय के बाद मुकाबला टाई हो गया और जीतने वाली टीम को अनाउंस करने के लिए सुपर ओवर की जरूरत पड़ी, तब अंपायर भी सोच में पड़ गए। सवाल यह था कि बिना फ्लडलाइट्स के घटती रोशनी में सुपर ओवर कराया जाए या मैच को बराबरी पर खत्म कर के घोषित कर दिया जाए।
Tilak Varma Reaction: तिलक वर्मा ने जताई नाराजगी

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय कप्तान तिलक वर्मा ने इस फैसले पर अपनी असहमति जताई थी। उनका मानना था कि कम रोशनी में खिलाड़ियों के लिए गेंद को देखना मुश्किल हो रहा था और ऐसी सिचुएशन में सुपर ओवर कराना सेफ्टी के तौर से भी सही नहीं था। बताया जा रहा है कि तिलक वर्मा ने श्रीलंका-ए के कप्तान के साथ मिलकर लाइट मीटर की रीडिंग भी चेक की थी, ताकि मैदान की वास्तविक रोशनी का लेवल समझा जा सके। भारतीय टीम का मानना था कि अगर फ्लडलाइट्स का इस्तेमाल नियमों की वजह से नहीं किया जा सकता, तो मुकाबले को ड्रॉ मानते हुए दोनों टीमों को एक-एक प्वाइंट दे दिए जाने चाहिए।
Super Over Controversy: अंपायरों ने जारी रखा खेल

हालांकि भारतीय टीम की बातें सुनने के बावजूद अंपायरों ने सुपर ओवर कराने का फैसला लिया। इसके बाद घटती रोशनी में खेल जारी रहा और आखिरकार श्रीलंका-ए ने सुपर ओवर में जीत हासिल कर ली। हालांकि मैच के रिजल्ट से ज्यादा चर्चा अब अंपायरों के फैसले और टूर्नामेंट के नियमों को लेकर हो रही है। मैच के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है। कई फैंस का मानना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और निष्पक्ष खेल को देखते हुए मुकाबले को टाई घोषित किया जाना चाहिए था, जबकि कुछ लोग नियमों के अनुसार लिए गए फैसले को सही भी बता रहे हैं।






