Vaibhav Sooryavanshi Father: इंडियन टीम में सेलेक्ट होने के बाद 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। हालांकि इस बड़ी अचीवमेंट के बावजूद उनके पिता संजीव सूर्यवंशी का मानना है कि वैभव को अभी भी जमीन से जुड़ा रहना चाहिए और लगातार मेहनत करते रहना चाहिए।
Vaibhav Sooryavanshi Selection: सेलेक्शन की खबर से बढ़ी थी एक्साइटमेंट

संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि शुक्रवार रात वैभव ने उन्हें फोन कर के बताया था कि अगले दिन भारतीय टी-20 टीम की घोषणा होने वाली है। इसके बाद से पूरे परिवार में एक्साइटमेंट और बेचैनी बढ़ गई थी। सभी बेसब्री से सेलेक्शन लिस्ट का इंतजार कर रहे थे।
Vaibhav Sooryavanshi Father: महान खिलाड़ियों से तुलना को बताया जल्दबाजी

हालांकि जब वैभव को लेकर ये कहा जाने लगा कि वो सचिन तेंदुलकर और डॉन ब्रैडमैन को भी पीछे छोड़ सकते हैं, तब वैभव के पिता ने जवाब दिया कि अभी उनकी तुलना क्रिकेट के महान खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर और डॉन ब्रैडमैन से करना सही नहीं होगा। उनके अनुसार वैभव को अभी क्रिकेट में बहुत कुछ हासिल करना बाकी है और वह इन दिग्गजों के सामने अभी शुरुआती दौर में है और वो इनके पैरों की धूल के समान भी नहीं है।
Vaibhav Sooryavanshi In Cricket: बचपन से था क्रिकेट के प्रति गहरा लगाव

संजीव ने बताया कि बचपन में वह वैभव सूर्यवंशी को ब्रायन लारा और युवराज सिंह की बल्लेबाजी के वीडियो दिखाया करते थे। इन खिलाड़ियों की शैली और तकनीक से प्रेरित होकर वैभव ने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं और खेल के प्रति उसका जुनून लगातार बढ़ता गया।
Vaibhav Sooryavanshi News: छोटी उम्र में ही बना ली थी अलग पहचान

पिता ने एक दिलचस्प किस्सा भी शेयर करते हुए बताया कि जब वैभव नौ साल का था, तब बड़े खिलाड़ी उसे छोटा समझकर मजाक उड़ाते थे। इस पर वैभव कहता था कि अगर वह पहली ही गेंद पर छक्का लगा दे, तो सामने वाला गेंदबाज उस पर दबाव नहीं बना पाएगा। उसकी यही सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आज उसकी सफलता की नींव बने हैं।
Vaibhav Sooryavanshi Hometown: ताजपुर में खुशी की लहर

भारतीय टीम में सेलेक्शन की खबर मिलते ही समस्तीपुर के ताजपुर इलाके में जश्न जैसा माहौल बन गया। गांव के लोग, रिश्तेदार और शुभचिंतक बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे और परिवार को बधाइयां दीं। वैभव की इस अचीवमेंट पर पूरे दिन उनके घर आने-जाने वाले लोगों का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने मिठाइयां बांटी, पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की। पूरे इलाके में वैभव सूर्यवंशी की सफलता को लेकर जोरों पर चर्चाएं भी हुईं।
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