Manoj Tiwary Statement: विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बहुत बड़ा फैसला माना जा रहा है। जैसे ही यह खबर सामने आई, फैन्स और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच बहस शुरू हो गई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह फैसला विराट कोहली का अपना था या फिर उन्हें टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। अब इस पूरे मामले में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
मनोज तिवारी ने संजय मांजरेकर के बयान से साफ असहमति जताई है। मांजरेकर का कहना था कि विराट कोहली ने टेस्ट जैसे सबसे कठिन फॉर्मेट को छोड़कर वनडे जैसे आसान फॉर्मेट को चुना है। लेकिन मनोज तिवारी का मानना है कि विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को लेकर ऐसा कहना पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, कोहली कभी भी बिना ठोस वजह के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला नहीं कर सकते।
Manoj Tiwary Statement: “कोहली को मजबूर किया गया”
मनोज तिवारी ने कहा कि भले ही विराट कोहली ने खुद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की हो, लेकिन इसके पीछे की परिस्थितियां अलग थीं। उनके मुताबिक टीम मैनेजमेंट और चयन से जुड़ा ऐसा माहौल बनाया गया, जिसमें विराट कोहली के पास टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा। तिवारी ने यह भी कहा कि विराट कोहली उस तरह के खिलाड़ी नहीं हैं जो खुद कहें कि अब वह टेस्ट नहीं खेलना चाहते।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “फैसला विराट कोहली ने अपने मुंह से लिया, लेकिन पर्दे के पीछे जो कुछ हुआ, वह सबको पता है।” इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। कई फैन्स मनोज तिवारी की बात से सहमत नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ लोग अब भी मानते हैं कि यह कोहली का निजी फैसला था।
मनोज तिवारी ने यह भी कहा कि यह कहना गलत है कि विराट कोहली सिर्फ अपने रन और रिकॉर्ड के लिए टेस्ट छोड़कर वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। विराट कोहली हमेशा टीम के लिए खेलने वाले खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने हर फॉर्मेट में देश के लिए पूरी ईमानदारी से प्रदर्शन किया है, इसलिए उनके इरादों पर सवाल उठाना ठीक नहीं है।
Manoj Tiwary Statement: वनडे रैंकिंग में बदलाव, डेरिल मिचेल बने नंबर वन
इसी बीच विराट कोहली से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में विराट कोहली को नंबर एक स्थान से हटा दिया है। डेरिल मिचेल अब 845 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि विराट कोहली 795 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं।
डेरिल मिचेल की यह उपलब्धि भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन का नतीजा है। उन्होंने भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में लगातार दो शतक लगाए, जिससे न्यूज़ीलैंड को सीरीज जीतने में काफी मदद मिली। उनकी बेहतरीन फॉर्म और दबाव में खेलने की क्षमता ने सभी का ध्यान खींचा है।
डेरिल मिचेल अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ कई वनडे शतक लगाए हैं। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए भी बेहद खास मानी जा रही है।
Virat Kohli का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बहुत बड़ा फैसला माना जा रहा है। जैसे ही यह खबर सामने आई, फैन्स और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच बहस शुरू हो गई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह फैसला विराट कोहली का अपना था या फिर उन्हें टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। अब इस पूरे मामले में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
मनोज तिवारी ने संजय मांजरेकर के बयान से साफ असहमति जताई है। मांजरेकर का कहना था कि विराट कोहली ने टेस्ट जैसे सबसे कठिन फॉर्मेट को छोड़कर वनडे जैसे आसान फॉर्मेट को चुना है। लेकिन मनोज तिवारी का मानना है कि विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को लेकर ऐसा कहना पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, कोहली कभी भी बिना ठोस वजह के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला नहीं कर सकते।
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