Ashwin questions Delhi bowling tactics: IPL 2026 के एक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद आमने-सामने थे, लेकिन मैच के बाद चर्चा सिर्फ स्कोर या जीत-हार की नहीं, बल्कि कप्तानी के फैसलों की होने लगी। खासकर Ravi Ashwin ने अक्षर पटेल की कप्तानी पर सवाल उठाए। उनका मानना था कि टीम के पास अच्छे स्पेशलिस्ट गेंदबाज़ होने के बावजूद उनका सही इस्तेमाल नहीं हुआ।
Ashwin questions Delhi bowling tactics: गलत गेंदबाज़ी रणनीति ने बढ़ाई मुश्किलें
इस मैच में दिल्ली की गेंदबाज़ी शुरुआत से ही कमजोर दिखी। सबसे हैरानी वाली बात यह रही कि पार्ट-टाइम गेंदबाज़ Nitish Rana ने सबसे पहले अपने पूरे चार ओवर डाल दिए। आमतौर पर टीम अपने मुख्य गेंदबाज़ों पर भरोसा करती है, लेकिन यहां उल्टा देखने को मिला। नतीजा यह हुआ कि हैदराबाद के बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने आसानी से रन बनाए और दिल्ली के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया।
Nitish Rana ने चार ओवर में 53 रन दे दिए, जो काफी महंगे साबित हुए। वहीं टी. नटराजन जैसे अनुभवी गेंदबाज़ भी इस दिन ज्यादा असर नहीं डाल पाए और उन्होंने 40 रन खर्च किए। सबसे बड़ी बात यह रही कि टीम का कोई भी गेंदबाज़ 10 से कम की इकॉनमी नहीं रख पाया। इससे साफ दिखा कि गेंदबाज़ी प्लान सही नहीं था।
Ravi Ashwin ने कहा कि अगर टीम के पास कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी और मुकेश कुमार जैसे स्पेशलिस्ट मौजूद हैं, तो उन्हें ही ज्यादा मौके मिलने चाहिए थे। पार्ट-टाइम गेंदबाज़ पर इतना भरोसा करना समझ से बाहर था।
स्पेशलिस्ट पर भरोसा जरूरी
अश्विन का मानना है कि टी20 क्रिकेट में किसी भी अच्छे गेंदबाज़ का दिन खराब हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप उन्हें इस्तेमाल ही न करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई मुख्य गेंदबाज़ 40-50 रन भी दे देता है, तो भी उसे मौका देना चाहिए क्योंकि वही विकेट लेने की क्षमता रखता है।
इस मैच में दिल्ली को सिर्फ दो विकेट मिले, जिसमें से एक विकेट खुद अक्षर पटेल ने लिया और दूसरा रन आउट था। यानी गेंदबाज़ी से सिर्फ एक ही विकेट मिला, जो टीम के लिए बड़ी चिंता की बात है। अक्षर ने खुद कम रन दिए, लेकिन उन्होंने भी ज्यादा ओवर नहीं डाले।
कुलदीप यादव को भी जल्दी हटा दिया गया, जबकि पहले भी देखा गया है कि वह शुरुआत में रन देने के बाद वापसी करते हैं और अहम विकेट लेते हैं। अश्विन के अनुसार, ऐसे मैच-विनर खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना बहुत जरूरी होता है।
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