अपने ही खिलाड़ी को बताया ‘भारत का एजेंट’, बदले की आग में अंधा हुआ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड

By Rahul Singh Karki

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BCB Officer Disrespected Tamim Iqbal

BCB Officer Disrespected Tamim Iqbal: मुस्तफिजुर रहमान को IPL 2026 से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश को अपने सभी मुकाबले भारत में खेलने हैं, लेकिन बीसीबी ने सुरक्षा का हवाला देते हुए ICC से मैचों को किसी अन्य देश में शिफ्ट कराने की मांग रखी। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक ICC ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है और साफ कर दिया है कि बांग्लादेश को या तो भारत में ही मैच खेलने होंगे या फिर अपने अंक गंवाने होंगे।

BCB Officer Disrespected Tamim Iqbal

इस पूरे विवाद के बीच जब बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने हालात को संभालने की कोशिश की, तो मामला और गरमा गया। तमीम ने संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात कही। उन्होंने कहा कि बोर्ड को फैसले लेते वक्त यह देखना चाहिए कि बांग्लादेश क्रिकेट विश्व क्रिकेट में कहां खड़ा है और आज लिए गए निर्णयों का असर आने वाले कई सालों तक पड़ेगा। उनका मानना था कि भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि क्रिकेट और खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखकर कदम उठाने चाहिए।

BCB Officer Disrespected Tamim Iqbal: BCB को रास नहीं आई सलाह

BCB Officer Disrespected Tamim Iqbal

तमीम की यह सलाह बीसीबी के एक सीनियर अधिकारी को रास नहीं आई। बीसीबी की फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन नजमुल ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट करते हुए तमीम इकबाल को “भारत का एजेंट” तक कह दिया। इस बयान ने बांग्लादेश क्रिकेट में भूचाल ला दिया और खिलाड़ियों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली।

खिलाड़ियों ने जताया विरोध

BCB Officer Disrespected Tamim Iqbal

बीसीबी अधिकारी के इस बयान पर बांग्लादेश के मौजूदा टेस्ट कप्तान समेत कई खिलाड़ियों ने कड़ा विरोध जताया। कप्तान ने इसे बेहद दुखद बताते हुए कहा कि तमीम इकबाल न सिर्फ पूर्व कप्तान हैं, बल्कि बांग्लादेश के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक रहे हैं, जिनसे पूरी पीढ़ी प्रेरित हुई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी खिलाड़ी, चाहे वह पूर्व कप्तान हो या मौजूदा, सभी सम्मान के हकदार हैं।

टेस्ट कप्तान ने यह भी कहा कि क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों का संरक्षक होता है और उनसे यही उम्मीद की जाती है कि वह खिलाड़ियों की रक्षा करेगा, न कि सार्वजनिक मंच पर उनके खिलाफ ऐसे आरोप लगाएगा। उन्होंने इस टिप्पणी को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि अगर कोई बात कहनी भी हो, तो उसे अंदरूनी तौर पर सुलझाया जाना चाहिए, न कि सबके सामने अपमान किया जाए।

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