Taliban Threat On PSL: पाकिस्तान सुपर लीग जल्द ही शुरू होने वाली है, लेकिन इसके शुरू होने से पहले इसपर खतरा मंडराने लगा है. PSL 11 की शुरुआत 26 मार्च से हो रही है, लेकिन उससे पहले ही तहरीक ए तालिबान (TTP) के जमात उल अहरार गुट ने चेतावनी जारी की है कि वो पाकिस्तान सुपर लीग का मैच नहीं होने देगा. काफी संख्या में विदेशी खिलाड़ी PSL का हिस्सा बनने के लिए पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. ऐसे में जमात उल अहरार गुट की ये चेतावनी उन प्लेयर्स के लिए भी चिंता पैदा कर रही है.
तहरीक ए तालिबान ने कहा है कि वो विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं लेता है, इसलिए विदेशी खिलाड़ियों को PSL में खेलने नहीं आना चाहिए. उसका ये बयान अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि टीटीपी खेल गतिविधियों के विरोध में नहीं है, लेकिन वह सरकार द्वारा प्रदर्शित सामान्य स्थिति से असहमत है.
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टीटीपी ने धमकी दी है कि वो PSL के मैचों को रोकने का हर संभव प्रयास करेगा और कहा है कि वो विदेशी क्रिकेट बोर्डस से आग्रह करता है कि अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान ना भेजें. अगर उन्हें कुछ हो जाता है तो यह टीटीपी की जिम्मेदारी नहीं होगी. पाकिस्तान सुपर लीग के आने वाले सीजन में ग्लेन मैक्सवेल, डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन जैसे नामी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भाग लेने वाले हैं. इसके अलावा बांग्लादेश के 6 खिलाड़ी भी इस टूर्नामेंट में खेलने वाले हैं. तो इस वजह से अगर कोई भी ऊंच नीच हो गई, फिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
Taliban Threat On PSL: पाकिस्तान को भी है खतरे का आभास
ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान संभावित खतरों से अनजान है. रविवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी पुष्टि कर चुके हैं कि इस बार PSL के मैच दर्शकों के बिना करवाए जाएंगे. नकवी का कहना था कि पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालातों के कारण ऐसा किया गया है. मगर दूसरी ओर अफगानिस्तान भी पाकिस्तान पर निरंतर हमले कर रहा है, जिससे पाकिस्तान में भी खिलाड़ियों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है. इन सुरक्षा की चिंता को नजर में रखते हुए ही पीएसएस की ओपनिंग सेरेमनी भी रद्द कर दी गई थी. तो ऐसे हालातों में क्या पीएसएल का मैच करवाना सही रहेगा, ये सवाल अभी भी पाकिस्तान पर बना हुआ है.
