Suryakumar Yadav Makes U Turn on Statement: टीम इंडिया में इन दिनों कप्तानी और बल्लेबाजी क्रम को लेकर असमंजस साफ दिखाई दे रहा है। खासतौर पर कप्तान सूर्यकुमार यादव के हालिया बयानों ने क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया है। महज एक महीने के भीतर सूर्या ने अपने ही पुराने स्टैंड से यू-टर्न ले लिया है, जिससे टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
Suryakumar Yadav Makes U Turn on Statement: सूर्या ने बदला फैसला
मंगलवार, 20 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली टी20 सीरीज से पहले Suryakumar Yadav प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए। यहां उन्होंने चोटिल तिलक वर्मा की गैरमौजूदगी में ईशान किशन को मौका दिए जाने की पुष्टि की और बताया कि ईशान नंबर-2 पर बल्लेबाजी करेंगे। लेकिन असली चर्चा तब शुरू हुई, जब सूर्या ने अपनी खुद की बैटिंग पोजिशन को लेकर बड़ा बयान दे दिया।
सूर्यकुमार यादव ने साफ कहा कि वह नंबर-3 की बजाय नंबर-4 पर बल्लेबाजी करेंगे। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके आंकड़े नंबर-3 और नंबर-4 दोनों पोजिशन पर अच्छे हैं, लेकिन चौथे नंबर पर थोड़े बेहतर हैं। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि टीम लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन को ध्यान में रखते हुए फ्लेक्सिबल रहना चाहती है। अगर दाएं हाथ का बल्लेबाज आउट होगा तो वह बल्लेबाजी के लिए आएंगे, नहीं तो फिट होने की स्थिति में लेफ्ट हैंडर को मौका मिलेगा।
चर्चा में आया पुराना बयान
पहली नजर में यह बयान बिल्कुल ठीक लगता है, क्योंकि टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा शामिल हैं, जिनमें एक राइट हैंड और दूसरा लेफ्ट हैंड बल्लेबाज है। लेकिन असली समस्या तब सामने आती है, जब हम सूर्यकुमार यादव के एक महीने पुराने बयान को याद करते हैं।
दरअसल, 21 दिसंबर को टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया के ऐलान के दौरान हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में Suryakumar Yadav ने बिल्कुल उलटा रुख अपनाया था। उस वक्त उन्होंने साफ कहा था कि लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन को जरूरत से ज्यादा तवज्जो दी जाती है और यह अब “ओवररेटेड” हो चुका है। तब सूर्या ने बताया था कि तिलक वर्मा नंबर-3 पर बल्लेबाजी करेंगे और वह खुद नंबर-4 पर उतरेंगे, बिना किसी कॉम्बिनेशन की चिंता किए।
अब सिर्फ 30 दिनों के भीतर उसी मुद्दे पर कप्तान का विचार बदल जाना कई सवाल खड़े करता है। क्या टीम इंडिया का बैटिंग ऑर्डर अभी भी पूरी तरह तय नहीं है? क्या टीम मैनेजमेंट खुद अपनी रणनीति को लेकर कंफ्यूज है? और सबसे अहम सवाल यह कि बड़े टूर्नामेंट से पहले इस तरह की अस्थिरता कहीं टीम को नुकसान तो नहीं पहुंचाएगी?
साफ है कि सूर्यकुमार यादव का यह यू-टर्न सिर्फ एक बयान भर नहीं है, बल्कि यह टीम इंडिया की प्लानिंग में चल रही उलझन की झलक भी दिखाता है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले टूर्नामेंट में इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ सकता है।
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