Riyan Parag On Critics: राजस्थान रॉयल्स के कैप्टेन रियान पराग ने आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की. इसके बाद उन्होंने अपनी कप्तानी को लेकर हो रहे क्रटीसिज्म को खारिज कर दिया. पराग ने कहा कि बाहरी राय और बेवजह का शोर अब उन्हें प्रभावित नहीं करता और वो अपनी टीम को साफ सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं.

पराग ने राजस्थान रॉयल्स के फुल-टाइम कप्तान के रूप में अपने पहले पूरे सीजन की शुरुआत शानदार अंदाज में की है. उनकी कप्तानी में टीम ने 30 मार्च को गुवाहाटी में चेन्नई सुपर किंग्स को आठ विकेट से हराया और ये जीत न केवल टीम के इस सीजन में सफर की बेहतरीन शुरुआत थी, बल्कि इससे पराग को अपनी कप्तानी पर उठ रहे सवालों का जवाब देने का मौका भी मिला.
Riyan Parag On Critics: रियान पराग करते हैं क्रिटीक्स को इग्नोर
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए पराग ने कहा कि उन्होंने बाहरी आलोचनाओं को नजरअंदाज करना सीख लिया है और अब वह सिर्फ अपने खेल और फैसलों पर ध्यान देते हैं. उन्होंने कहा कि, अगर मैं अपने सफर के बारे में बात करना शुरू करूं तो जवाब बहुत लंबा हो जाएगा. लेकिन जैसा कि मैंने पहले कहा, मेरे खेल से बाहर भी बहुत सारी बातें होती हैं, बहुत सारी राय दी जाती हैं और मैंने सीख लिया है कि उन चीजों को खुद पर असर नहीं करने देना है. मुझे ऐसा लगता है कि मैं अब ये सब अच्छे से करना लगां हूं और अब इन चीजों को बेहतरीन तरीके से टैकल करना सीख चुका हूं.
उन्होंने ये भी कहा कि क्रिकेट में कहानी हमेशा नतीजों के हिसाब से बदल जाती है, चाहे फैसले सही हों या गलत. पराग ने कहा कि क्रिकेट की यही विडंबना है. अगर मैंने आज वही फैसले लिए होते और सामने वाली टीम 200 रन बना देती और हम मैच हार जाते, तो यही कहा जाता कि मैं खराब कप्तान हूं या मैंने खराब फैसले लिए.
Riyan Parag On Critics: कैसे बने रियान पराग कप्तान?

आईपीएल 2026 से पहले Rajasthan Royals ने रियान पराग को अपना फुल-टाइम कप्तान बनाया था. हालांकि, इस फैसले पर काफी बहस हुई क्योंकि उस वक्त उनके पास कप्तानी का ज्यादा एक्सपीरिएंस नहीं थी और उनके अलावा भी बहुत से ऐसे प्लेयर्स थे जो कि कप्तानी की रेस में थे. उन्होंने आईपीएल 2025 में तब टीम की कप्तानी की थी जब संजू सैमसन उपलब्ध नहीं थे. उस दौरान टीम ने आठ मैचों में सिर्फ दो जीत हासिल की थी. भारत के पूर्व चयनकर्ता श्रीकांत उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने इस फैसले पर सवाल उठाए थे. क्योंकि उनका ये कहना था कि रियान के बेहद ही खराब प्रदर्शन के बावजूद भी उनको इतना सपोर्ट क्यों किया जा रहा है?

आलोचकों ने यह भी कहा कि टीम में जडेजा और यशस्वी जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे, लेकिन राजस्थान रॉयल्स ने उनके बजाय पराग को कप्तानी सौंपी. ऐसा होना बेहद ही गलत है, लेकिन पराग ने पहले मैच में अपनी कप्तानी से ये साबित कर दिया है कि वो भी अपनी टीम को संभाल सकते हैं.
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