R Ashwin on Pakistan: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने के पाकिस्तान के फैसले पर अब पूर्व भारतीय खिलाड़ी खुलकर बोलने लगे हैं। 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होना है, लेकिन पाकिस्तान ने इसे खेलने से इनकार कर दिया है। इस टॉपिक पर बात करते हुए भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि पाकिस्तान ज्यादा दिनों तक अपने इस फैसले पर टिका नहीं रह पाएगा और जल्द ही यू-टर्न लेगा। उनका कहना है कि अगर पाकिस्तान मैच नहीं खेलता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
R Ashwin on Pakistan: अश्विन ने याद दिलाई पाकिस्तान की आदत

अश्विन ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने ऐसा रुख अपनाया हो। इससे पहले भी कई मौकों पर उसने कड़े बयान दिए, लेकिन आखिर में अपने ही फैसले से पीछे हटना पड़ा। ऐसे ही पांच बड़े उदाहरण सामने आ चुके हैं।
पहला मामला एशिया कप का है, जब भारत ने पाकिस्तान टीम से हाथ नहीं मिलाया था। इसके बाद पाकिस्तान ने धमकी दी थी कि अगर मैच रेफरी को नहीं हटाया गया तो वह यूएई के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा। लेकिन एसीसी अपने फैसले पर कायम रहा और पाकिस्तान को मजबूरन मैदान पर उतरना पड़ा।

दूसरा उदाहरण चैंपियंस ट्रॉफी का है, जब कराची स्टेडियम में भारत का झंडा नहीं लगाया गया था। विवाद बढ़ने के बाद पाकिस्तान को अपना फैसला बदलना पड़ा और भारतीय झंडा भी स्टेडियम में लगाया गया।
तीसरा मामला चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से जुड़ा है। भारत ने पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था और पाकिस्तान ने कहा था कि वह हाइब्रिड मॉडल नहीं मानेगा। आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा और भारत ने अपने मुकाबले यूएई में खेले।
चौथा उदाहरण एशिया कप 2023 का है। पाकिस्तान मेजबान था, लेकिन भारत ने टीम भेजने से मना कर दिया। शुरुआत में पाकिस्तान ने काफी हंगामा किया, लेकिन बाद में हाइब्रिड मॉडल पर राजी हो गया। भारत ने अपने मैच श्रीलंका में खेले और फाइनल भी वहीं हुआ।

पांचवां और आखिरी मामला वर्ल्ड कप 2023 से पहले का है। एशिया कप के बाद पाकिस्तान ने धमकी दी थी कि वह भारत में होने वाले वर्ल्ड कप में नहीं आएगा और अहमदाबाद में मैच नहीं खेलेगा। लेकिन अंत में पाकिस्तान को दोनों ही मामलों में पीछे हटना पड़ा।
इन सभी उदाहरणों के आधार पर अश्विन का साफ कहना है कि पाकिस्तान पहले भी ऐसे फैसले ले चुका है और बाद में मजबूरी में उन्हें बदलना पड़ा है। ऐसे में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का फैसला भी ज्यादा दिन टिक पाएगा और इसकी संभावना बेहद कम है।
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