Jasprit Bumrah Poor Performance: टीम इंडिया के लिए Jasprit Bumrah हमेशा से मैच जिताने वाले गेंदबाज माने जाते रहे हैं। वह गेंदबाज, जो विरोधी टीम के रन फ्लो पर ब्रेक लगाता है और मुश्किल वक्त में कप्तान का सबसे बड़ा हथियार होता है। लेकिन अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या बुमराह की वही धार अब भी कायम है? क्या वह पहले जैसे खतरनाक नहीं रहे? हालिया प्रदर्शन इन सवालों को और तेज कर रहा है।
पिछले दो महीनों में बुमराह चार बार एक ही ओवर में जमकर रन लुटाते नजर आए हैं, वो भी खासतौर पर डेथ ओवर्स में, जहां उन्हें एक्सपर्ट माना जाता है। यही नहीं, पिछले 12 महीनों के आंकड़े भी उनकी फॉर्म पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
Jasprit Bumrah Poor Performance: इंजरी बनी मुश्किल?
टी20 इंटरनेशनल में बुमराह की पिटाई की एक बड़ी वजह उनकी पुरानी इंजरी मानी जा रही है। इंजरी से पहले और बाद के बुमराह में फर्क साफ दिखता है। वापसी जरूर मजबूत रही, लेकिन जो बुमराह कभी बल्लेबाजों की समझ से बाहर होते थे, अब उन्हें पढ़ा जाने लगा है।
बीते दो महीनों में चार बार ऐसा हुआ है, जब बुमराह ने एक ओवर में 15 या उससे ज्यादा रन खर्च किए। ताजा मामला 28 जनवरी 2026 का है, जब विशाखापत्तनम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टी20 मैच में उन्होंने 19वां ओवर डाला और 19 रन लुटा दिए। यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर के सबसे महंगे ओवरों में से एक रहा।
इसी सीरीज के पहले मुकाबले में भी बुमराह डेथ ओवर्स में महंगे साबित हुए थे। उन्होंने 18वां ओवर डाला और उसमें 15 रन खर्च कर दिए। यानी एक ही सीरीज में दो बार डेथ ओवर्स में 15 से ज्यादा रन देना चिंता का विषय बन गया।
अच्छे नहीं हैं आकड़ें
दिसंबर 2025 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में भी बुमराह का हाल कुछ ऐसा ही रहा। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए मैच में उन्होंने पावरप्ले के एक ओवर में 16 रन दिए और उसी मैच के आखिरी ओवर में 17 रन लुटा दिए। यानी न पावरप्ले में नियंत्रण दिखा और न ही डेथ ओवर्स में।
अगर पिछले 12 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और साफ हो जाती है। इस दौरान बुमराह ने 16 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले, लेकिन सिर्फ 18 विकेट ही ले सके। इस अवधि में न तो उनके नाम कोई चार विकेट हॉल है और न ही पांच विकेट। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17 रन देकर 3 विकेट लेना रहा, जो मौजूदा न्यूजीलैंड सीरीज के तीसरे टी20 मैच में देखने को मिला।
बुमराह आज भी टीम इंडिया के अहम गेंदबाज हैं, लेकिन हालिया आंकड़े और मैचों के अहम ओवरों में उनका संघर्ष यह इशारा कर रहा है कि उनकी गेंदों की धार पहले जैसी नहीं रही। अब देखने वाली बात यह होगी कि वह इस चुनौती से कैसे बाहर निकलते हैं और अपने पुराने अंदाज में वापसी कर पाते हैं या नहीं।
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