Gautam Gambhir On Kirti Azad: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर अपने बयान को लेकर आए दिन चर्चा में रहते हैं. लेकिन इस बार वो जिस वजह से चर्चा में है, वो वजह काफी चौंकाने वाली है. दरअसल बीते दिनों 9 मार्च को पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने एक बयान दिया था. जिसमें उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय टीम के मंदिर जाने पर सवाल उठाए थे, इसपर ही अब गौतम गंभीर ने तीखा रिएक्शन दिया है. दरअसल, भारत ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था. इसके बाद कप्तान सूर्या, कोच गौतम गंभीर और जय शाह अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे.

Gautam Gambhir On Kirti Azad: टीम इंडिया के इस कदम पर 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आजाद को अच्छा नहीं लगा और उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रॉफी को सिर्फ मंदिर ही क्यों ले जाया गया. उनका कहना था कि अगर ऐसा किया गया है तो उसे दूसरे धर्मों के पूजा स्थलों पर भी ले जाना चाहिए था. उन्होंने इस फैसले पर कहा कि ये बिल्कुल ही भेदभाव से भरा हुआ निर्णय था.

Gautam Gambhir On Kirti Azad: इसी वाक्य पर जवाब देते हुए गौतम गंभीर ने कहा है कि यह ऐसा मुद्दा ही नहीं है जिसका जवाब दिया जाए. उनके मुताबिक यह पूरे देश के लिए बहुत बड़ा पल है और इस जीत का जश्न मनाया जाना चाहिए. गंभीर ने कहा कि कुछ बयान सिर्फ खिलाड़ियों की उपलब्धि को कम करके दिखाते हैं. अगर हर ऐसे बयान को गंभीरता से लिया जाएगा तो इससे टीम की मेहनत और सफलता का महत्व कम हो जाएगा.

Gautam Gambhir On Kirti Azad: उन्होंने आगे अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा कि खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में काफी दबाव झेला. खासकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक मैच हारने के बाद टीम पर काफी प्रेशर था. ऐसे समय में इस तरह के बयान देना अपने ही खिलाड़ियों और टीम की उपलब्धि को कम स्तर पर आंकने जैसा होगा.

गंभीर ने कहा कि भारतीय टीम को अपनी जीत का जश्न अपने तरीके से मनाने का पूरा हक है और इसमें धर्म या राजनीति को नहीं घसीटना चाहिए. वहीं पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी कीर्ति आजाद के बयान पर नाराजगी जाहिर की थी.
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