Vidarbha Vijay Hazare Trophy Win: Vidarbha ने आखिरकार अपना पहला Vijay Hazare Trophy का खिताब जीतकर घरेलू क्रिकेट में अपनी पकड़ और मजबूत कर दी है। रविवार को बैंगलोर में खेले गए फाइनल में विदर्भ ने Saurashtra को 38 रन से हराया। पिछले साल यह टीम कर्नाटक के हाथों फाइनल में हार गई थी, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी मेहनत और रणनीति का फल पाया।

Vidarbha Vijay Hazare Trophy Win: Atharva Taide के शतक ने रखी जीत की नीव

इस जीत की सबसे बड़ी कहानी थी Atharva Taide की पारी। पिछले पांच सालों से लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक न बनाने वाले तैडे ने इस मैच में 128 रन की शानदार पारी खेली और विदर्भ को मजबूत स्कोर दिलाया। उनके साथ यश राठौड़ ने भी 54 रन की अहम साझेदारी निभाई। फाइनल में सीनियर खिलाड़ी ध्रुव शॉरे की गैर-मौजूदगी को भी टीम ने बखूबी मैनेज किया। यह दर्शाता है कि विदर्भ की टीम किसी भी चुनौती का सामना कर सकती है, चाहे यह आखिरी समय में चोट या खिलाड़ी की अनुपस्थिति जैसी हो।
Vidarbha Vijay Hazare Trophy Win: Vidarbha का Vijay Hazare Trophy में पहला खिताब

विदर्भ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। तैडे और राठौड़ ने सौराष्ट्र की गेंदबाजी को चतुराई से खेला और बीच के ओवरों में तेज़ रन बनाए। तैडे ने अपनी पारी में 80 से 100 रन के बीच सिर्फ 12 गेंदों में चार चौके मारे, जिससे टीम का स्कोर और मजबूत हुआ।
सौराष्ट्र की तरफ से अंकुर पंवार, प्रेरक मांकड़ और चिराग जानी ने कोशिश की, लेकिन विदर्भ की बल्लेबाजी ने उन्हें काबू में रखा। अंत के ओवरों में सात विकेट गिरने के बावजूद विदर्भ का स्कोर 317/8 रहा, जो फाइनल के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था।
सौराष्ट्र की तरफ से प्रेरक मांकड़ ने 88 और चिराग जानी ने 64 रन बनाकर मुकाबला रोचक रखा। लेकिन विदर्भ के गेंदबाजों ने समय रहते विकेट लेकर मैच की दिशा तय कर दी। यश ठाकुर ने चार विकेट लिए, जबकि दार्शन नालकांडे और कप्तान हर्ष दुबे ने भी अहम योगदान दिया। अंतिम परिणाम विदर्भ की 38 रन की जीत के रूप में सामने आया।
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