वैभव सूर्यवंशी के पिता का बड़ा खुलासा! India U19 स्टार ने क्यों छोड़ी 10वीं की परीक्षा?

By Anjali Maikhuri

Published on:

Vaibhav Sooryavanshi Father Statement

Vaibhav Sooryavanshi Father Statement: भारत के युवा क्रिकेट prodigy, Vaibhav Suryavanshi, इस साल अपने दसवीं के बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं होंगे। उनके पिता, sanjay suryavanshi, ने मीडिया को बताया कि वैभव इस समय पूरी तरह से क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं और आने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सीजन के लिए प्रैक्टिस कर रहे हैं।

Vaibhav Sooryavanshi Father Statement
Vaibhav Sooryavanshi Father Statement

वैभव इस समय राजस्थान रॉयल्स के प्री-सीजन कैंप में नागपुर में हैं, जहां वे टीम के खिलाड़ियों के साथ कड़ी प्रैक्टिस कर रहे हैं। संजय ने बताया कि अगर वैभव परीक्षा में शामिल होते, तो उन्हें अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते।

संजय ने कहा, “अगर वह परीक्षा देता, तो क्रिकेट पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता। वैभव की प्राथमिकता अब पूरी तरह से क्रिकेट है।” उन्होंने यह भी कहा कि वैभव पढ़ाई में अच्छे थे और स्कूल में नियमित होने पर हमेशा 90% से ज्यादा अंक लाते थे, लेकिन इस समय उनका पूरा फोकस क्रिकेट पर है।

Vaibhav Sooryavanshi Father Statement: स्कूल और बोर्ड की प्रतिक्रिया

Vaibhav Parents
Vaibhav Parents

 

वैभव ने मंगलवार को अपने स्कूल, पोडर इंटरनेशनल स्कूल, बिहार, में दसवीं की CBSE बोर्ड परीक्षा में हाजिरी नहीं दी। स्कूल ने उन्हें CBSE की पॉलिसी के अनुसार अनुपस्थित दर्ज किया।

स्कूल के प्रिंसिपल, एनके सिन्हा, ने ANI से बातचीत में बताया कि “हमें उन्हें अनुपस्थित के रूप में दर्ज करना पड़ा। हम उम्मीद कर रहे थे कि वह परीक्षा में आएंगे, लेकिन उनके पास अन्य जिम्मेदारियां हैं, जैसे कि क्रिकेट मैच या प्रैक्टिस। मुझे पूरा विश्वास है कि वह अगली बार परीक्षा देंगे।”

Vaibhav Sooryavanshi Father Statement

Vaibhav Sooryavanshi Father
Vaibhav Sooryavanshi Father

इस साल वैभव ने U-19 वर्ल्ड कप में भी अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। फाइनल मैच में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने केवल 80 गेंदों में 175 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई और मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी जीता।

वैभव की यह उपलब्धि और उनके IPL में खेलने की तैयारी यह दिखाती है कि वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए कितने महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकते हैं। 14 साल की उम्र में ही उन्होंने बड़े टूर्नामेंट में अपने हुनर का लोहा मनवाया है।

पिता sanjay suryavanshi का कहना है कि परिवार पूरी तरह वैभव के क्रिकेट करियर का समर्थन कर रहा है और परीक्षा की चिंता अगले साल के लिए छोड़ दी गई है। इस तरह, वैभव की कहानी यह सिखाती है कि कभी-कभी अपने सपनों और करियर के लिए छोटी-छोटी चीज़ों का इंतजार करना भी जरूरी होता है।

Also Read: Babar Azam की वजह से इस खिलाड़ी को अपने पद से करना पड़ा था Resign