Vaibhav Suryavanshi National Award: Vaibhav Suryavanshi ने सिर्फ 14 साल की उम्र में क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, और आज वह एक बड़े Award के हकदार बने हैं। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनके उत्कृष्ट क्रिकेट प्रदर्शन और अनगिनत रिकॉर्ड्स के लिए दिया गया। इसके साथ ही, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का भी अवसर मिलेगा।
Vaibhav Suryavanshi National Award

Vaibhav Suryavanshi की क्रिकेट जर्नी बहुत ही प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि अगर हौसला हो, तो किसी भी मंजिल तक पहुंचा जा सकता है। राष्ट्रपति ने उनके बारे में कहा, “वैभव ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है और कई रिकॉर्ड्स सेट किए हैं। मैं पूरा विश्वास रखती हूं कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे आगे भी अच्छा काम करेंगे। यह सिर्फ शुरुआत है और दूसरे बच्चे भी इनसे प्रेरणा लेकर अच्छा करेंगे।”
Vaibhav Suryavanshi National Award: वैभव के शानदार Records

वैभव ने हाल ही में विजय हज़ारे ट्रॉफी में एक बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मैच में मात्र 36 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की। इसके साथ ही, वह दुनिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में सेंचुरी बनाई। उन्होंने पाकिस्तान के ज़ाहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। ज़ाहूर इलाही ने 1986 में 15 साल की उम्र में लिस्ट-ए क्रिकेट में सेंचुरी बनाई थी।
वैभव ने अपनी 190 रन की पारी में 84 गेंदों का सामना किया, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स और इंग्लैंड के जोस बटलर से भी तेज 150 रन बनाने वाला खिलाड़ी बना दिया। उनकी बल्लेबाजी ने भारत के लिए यूथ वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने में मदद की। इस मैच में भारत ने 433 रन बनाए, जो पिछले साल धाका द्वारा बनाए गए 425 रन के रिकॉर्ड से ज्यादा था।

वैभव का यह सफर केवल उनकी बल्लेबाजी तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने उभरते हुए खिलाड़ी के रूप में यूथ एशिया कप में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने यूएई के खिलाफ 171 रन की पारी खेली, जिसमें 14 छक्के और 9 चौके शामिल थे। इस पारी के साथ, उन्होंने युवा वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के मारने का रिकॉर्ड तोड़ा, जो पहले माइकल हिल के नाम था।
वैभव की उपलब्धियाँ और Records उन्हें क्रिकेट के क्षेत्र में एक चमकते सितारे के रूप में स्थापित करते हैं, और उनका सफर अभी भी जारी है। उनकी मेहनत और समर्पण से यह साबित होता है कि अगर आत्मविश्वास और लगन हो, तो कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।
Also Read: Rohit Sharma को ‘पुल शॉट’ ने दिया धोखा, उत्तराखंड के खिलाफ गोल्डन डक पर आउट







