Shahid Afridi Statement: T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस हार के बाद टीम के कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चर्चा शुरू हो गई, जिनमें Shadab Khan का नाम प्रमुख रूप से सामने आया। पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी फॉर्म और टीम में भूमिका को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान Shahid Afridi ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया और साफ कहा कि असली जवाब मैदान पर दिया जाता है, न कि शब्दों से।
Shahid Afridi Statement: हार के बाद आलोचना स्वाभाविक, लेकिन टीम में एकता जरूरी

अफरीदी का मानना है कि जब भी कोई टीम हारती है तो आलोचना होना स्वाभाविक है और हर खिलाड़ी को इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि ICC Men’s T20 World Cup 2021 में जब पाकिस्तान ने भारत को हराया था, तब टीम को काफी सम्मान और सराहना मिली थी। लेकिन उनके अनुसार, जीत को संभालना भी उतना ही जरूरी है जितना जीतना।
अफरीदी ने कहा कि उस बड़ी जीत के बाद टीम अंदर से उतनी मजबूत नहीं रह पाई। आपसी तालमेल और फोकस में कमी आई, जिसका असर आगे के प्रदर्शन पर दिखाई दिया। उनका मानना है कि जब किसी खिलाड़ी को सफलता मिलती है तो उसे और ज्यादा जिम्मेदार बनना चाहिए। टीम के भीतर एकता और स्पष्ट लक्ष्य होना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर खिलाड़ी आपस में ही उलझे रहेंगे तो उसका असर मैदान पर साफ नजर आएगा।
Shahid Afridi Statement: आलोचना का जवाब सिर्फ प्रदर्शन से

अफरीदी ने Shadab Khan का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनका फॉर्म अच्छा नहीं था और उन्हें टीम से बाहर करने की मांग उठ रही थी, तब कुछ पूर्व खिलाड़ी उनके समर्थन में खड़े थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि शादाब टीम के लिए अहम खिलाड़ी हैं और वह गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की क्षमता रखते हैं।
पूर्व कप्तान ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि हर खिलाड़ी को कठिन दौर से गुजरना पड़ता है। उनके साथ भी कई बार सख्त आलोचना हुई, लेकिन उन्होंने उसका जवाब बड़ी टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करके दिया। उनके मुताबिक, छोटे मुकाबलों में अच्छा खेलना महत्वपूर्ण है, लेकिन असली पहचान बड़े मैचों में दबाव के बीच प्रदर्शन से बनती है।

अफरीदी ने यह भी स्पष्ट किया कि एक अच्छा इंसान होना सराहनीय है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ अच्छा व्यवहार काफी नहीं होता। वहां निरंतर प्रदर्शन ही खिलाड़ी को खास बनाता है। जब खिलाड़ी दबाव में रन बनाता है या विकेट लेता है, तभी वह सच्चे मायनों में स्टार कहलाता है।
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