Mohammed Shami exclusion: न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरू होने वाली वनडे सीरीज़ के लिए भारतीय टीम का ऐलान होते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस बार टीम की कमान Shubman Gill के हाथों में है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा Mohammed Shami को टीम में जगह न मिलने को लेकर हो रही है। चयन समिति, जिसकी अगुवाई Ajit Agarkar कर रहे हैं, ने 35 साल के इस अनुभवी तेज गेंदबाज को 15 member squad से बाहर रखा।
Mohammed Shami exclusion: Shami को टीम से बाहर करने पर उठे सवाल

यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि शमी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल की तरफ से खेलते हुए उन्होंने सिर्फ 5 मैचों में 11 विकेट लिए हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद माना जा रहा था कि शमी की टीम इंडिया में वापसी तय है, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।
शमी के पर्सनल कोच इस फैसले से काफी नाराज़ नजर आए। उन्होंने साफ शब्दों में पूछा कि आखिर शमी और क्या करें। कोच का कहना है कि अगर घरेलू क्रिकेट में विकेट लेना भी काफी नहीं है, तो फिर किसी खिलाड़ी को टीम में आने के लिए क्या करना चाहिए। उन्होंने यह भी डर जताया कि कहीं यह शमी के वनडे करियर का अंत न बन जाए।
Mohammed Shami exclusion: कोच और बंगाल क्रिकेट ने जताई नाराज़गी

सिर्फ शमी के पर्सनल कोच ही नहीं, बल्कि बंगाल टीम के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने भी चयन समिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस फैसले को “नाइंसाफी” बताया। शुक्ला का कहना है कि हाल के समय में शायद ही कोई इंटरनेशनल खिलाड़ी होगा जिसने शमी जितनी मेहनत और ईमानदारी से घरेलू क्रिकेट खेला हो।
उनके मुताबिक, शमी ने बिना किसी शिकायत के घरेलू टूर्नामेंट खेले, फिटनेस पर काम किया और लगातार विकेट लिए। इसके बावजूद उन्हें टीम से बाहर रखना गलत है। शुक्ला ने यह भी कहा कि चयन समिति का यह रवैया खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ सकता है।

इस सीरीज़ के लिए भारतीय टीम में Jasprit Bumrah को आराम दिया गया है। ऐसे में तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह और युवा गेंदबाज हर्षित राणा के कंधों पर होगी। इसके अलावा ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को चौथे तेज गेंदबाज के विकल्प के तौर पर चुना गया है।
फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि जब अनुभव की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब शमी जैसे गेंदबाज को बाहर क्यों रखा गया। कई लोगों का मानना है कि शमी बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं और उनका अनुभव टीम के लिए बहुत काम आ सकता था।
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