Mohammad Kaif Statement: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए टी20 वर्ल्ड कप सुपर 8 मुकाबले में टीम इंडिया को 76 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी, बल्कि इसने सेमीफाइनल की राह भी मुश्किल कर दी। मैच के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने हार की बड़ी वजह बताई। उनका मानना है कि मैच भारत के हाथ से 7वें से 15वें ओवर के बीच निकला।
कैफ ने कहा कि टीम ने जसप्रीत बुमराह का सही इस्तेमाल नहीं किया। उनके अनुसार, अगर बीच के ओवरों में बुमराह को लगाया जाता तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था।
Mohammad Kaif Statement: 7 से 15 ओवर में बदला मैच का रुख
भारत ने शुरुआत अच्छी की थी। जसप्रीत बुमराह ने पावरप्ले में शानदार गेंदबाजी की और क्विंटन डी कॉक और रयान रिकेल्टन जैसे अहम बल्लेबाजों को आउट किया। उस समय लगा कि भारत मैच पर पकड़ बना लेगा। लेकिन इसके बाद साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों ने धीरे-धीरे मैच पर कंट्रोल कर लिया।
डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस की साझेदारी ने खेल बदल दिया। इन दोनों ने बीच के ओवरों में तेजी से रन बनाए। भारतीय गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम रहे और रन भी ज्यादा दिए। कैफ का कहना है कि यही वो समय था जब बुमराह को एक ओवर के लिए वापस लाया जाना चाहिए था।
उन्होंने यह भी कहा कि Rohit Sharma जब कप्तान थे, तब वह बुमराह को अलग तरीके से इस्तेमाल करते थे। रोहित अक्सर पावरप्ले में एक या दो ओवर देने के बाद बुमराह को बीच के ओवरों में वापस लाते थे ताकि चल रही साझेदारी को तोड़ा जा सके। इस मैच में बुमराह के स्पेल के बीच काफी बड़ा गैप रहा, जिसका फायदा साउथ अफ्रीका ने उठाया।
Mohammad Kaif Statement: सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल
बुमराह को दोबारा 17वें ओवर में गेंदबाजी दी गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। साउथ अफ्रीका का स्कोर 150 के पार पहुंच चुका था और ट्रिस्टन स्टब्स क्रीज पर जम चुके थे। बाकी भारतीय गेंदबाजों को भी काफी मार पड़ी। सिर्फ बुमराह और अर्शदीप सिंह ही कुछ हद तक असरदार दिखे।
साउथ अफ्रीका ने भारत की 12 मैचों की जीत का सिलसिला भी तोड़ दिया। 76 रन की यह हार टी20 इंटरनेशनल में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हारों में से एक है। टी20 वर्ल्ड कप में रन के हिसाब से यह भारत की सबसे बड़ी हार बन गई है।
इस हार के बाद भारत के लिए सेमीफाइनल की राह आसान नहीं रही। अब टीम को अपने बचे हुए दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे, ताकि नेट रन रेट बेहतर हो सके। अगर ऐसा नहीं हुआ तो टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा बढ़ सकता है।
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