पूर्व खिलाड़ी ने Gautam Gambhir की कोचिंग पर जताई चिंता

गंभीर की कोचिंग में टेस्ट टीम संघर्ष कर रही है, लेकिन नई पीढ़ी उम्मीद जगा रही है
Gautam Gambhir
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज़ और मौजूदा कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने हाल ही में गौतम गंभीर की टेस्ट कोचिंग को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि गंभीर का बतौर टेस्ट कोच शुरुआत का दौर कुछ खास अच्छा नहीं रहा है। भारत ने उनकी कोचिंग में अब तक 15 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, जिनमें सिर्फ पाँच में जीत मिली है, आठ में हार, और दो ड्रॉ रहे हैं। इस लिहाज से जीत का प्रतिशत लगभग 33.33 बनता है, जो किसी भी बड़ी टीम के लिए संतोषजनक नहीं कहा जा सकता।

आकाश चोपड़ा ने ये भी कहा कि "transition is painful", यानी जब टीम बदलाव के दौर से गुजर रही होती है तो वो प्रक्रिया आसान नहीं होती। उन्होंने ये बात इसलिए कही क्योंकि भारत की टेस्ट टीम इस समय एक नई दिशा में जा रही है। कई पुराने खिलाड़ी या तो बाहर हो चुके हैं या अब उतनी भूमिका में नहीं हैं, और कई युवा खिलाड़ियों को ज़िम्मेदारी दी जा रही है। इस तरह का समय किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घर में मिली हार ने सबको चौंकाया था। वो हार वाकई चिंता बढ़ाने वाली थी। उसके बाद टीम ऑस्ट्रेलिया गई, और वहीं पर रोहित शर्मा और विराट कोहली का टेस्ट करियर लगभग खत्म ही हो गया।

चोपड़ा ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने वहां संन्यास नहीं लिया, लेकिन उसके बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला। ये एक बड़ा बदलाव था, क्योंकि ये दोनों खिलाड़ी लंबे समय से टीम के सबसे भरोसेमंद नाम रहे हैं। इस सबके बीच इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज़ में टीम इंडिया ने बेहतरीन वापसी की। चार मैचों की सीरीज़ 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई, और इस ड्रॉ का टीम के आत्मविश्वास पर बहुत असर पड़ा। नए कप्तान की अगुवाई में टीम ने शानदार खेल दिखाया। नंबर 4 पर खेलने वाले कप्तान ने 750 रन बनाए, जो इस बात का संकेत था कि टीम में नई जान आ चुकी है। वहीं, केएल राहुल ने ओपनर के तौर पर खुद को फिर से साबित किया, जो पहले अनिश्चित स्थिति में दिख रहे थे। चोपड़ा ने ये भी माना कि बदलाव की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

Aakash Chopra
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आकाश चोपड़ा : भले ही शुरुआत कठिन रही हो, लेकिन टीम अब सही रास्ते पर लौट रही है

टीम अभी भी उसी ट्रांजिशन से गुजर रही है और ये दौर कुछ समय और चलेगा। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत चाहे जैसी भी रही हो, अब चीज़ें बेहतर होती नज़र आ रही हैं। "The start wasn't good. Not qualifying for the Test Championship was a serious blow, but things have started looking up now," उन्होंने कहा। इस बयान से साफ है कि उन्हें टीम से अब अच्छे नतीजों की उम्मीद है और हालिया प्रदर्शन ने उन्हें थोड़ी राहत दी है। भारत के लिए अगली चुनौती बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज़ होगी, जो इस कोचिंग स्टाफ के लिए एक और अहम परीक्षा होगी।

ये देखा जाएगा कि इंग्लैंड के खिलाफ मिली आत्मविश्वास भरी वापसी को टीम किस तरह आगे लेकर जाती है। युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक और मौका होगा खुद को साबित करने का, और कोच गंभीर के लिए यह मौका होगा यह दिखाने का कि उनकी रणनीति लंबे समय में टीम को मजबूती दे सकती है। हालाँकि आंकड़े फिलहाल गंभीर के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जिस तरह टीम धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है और कुछ नई चीज़ें काम करती दिख रही हैं, उससे साफ है कि अब सुधार की दिशा में कदम बढ़ चुके हैं। टीम में जुनून, नए चेहरे और एक नया जोश दिखने लगा है। अगर इसी तरह से युवा खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ खेलते रहे और टीम का संयोजन मजबूत बना रहा, तो आने वाले दिनों में भारत टेस्ट क्रिकेट में फिर से ऊँचाईयों पर पहुँच सकता है।

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