Chinnaswamy Stadium IPL: कर्नाटक सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बेंगलुरु के M Chinnaswamy Stadium में फिर से आईपीएल मैच कराने की अनुमति दे दी है। पिछले साल हुए हादसे के बाद यहां क्रिकेट इवेंट्स रोक दी गई थीं। अब सरकार ने कुछ सख्त शर्तों के साथ स्टेडियम में मैच कराने को हरी झंडी दी है। इस फैसले के बाद क्रिकेट फैंस में खुशी की लहर है, लेकिन सुरक्षा को लेकर सतर्कता भी बरती जा रही है।
Chinnaswamy Stadium IPL: शर्तों के साथ मिली मंजूरी

परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) को IPL आयोजित करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला कुन्हा रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि स्टेडियम में अधिकतम 35,000 दर्शकों को ही प्रवेश दिया जाए। इसके अलावा सुरक्षा, एंट्री और एग्जिट सिस्टम, और भीड़ कंट्रोल को लेकर कई जरूरी दिशानिर्देश दिए गए थे।
मंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने इन सभी शर्तों को मानते हुए मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होगी। हर व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत की जाएगी ताकि दर्शक सुरक्षित माहौल में मैच का आनंद ले सकें।
इससे पहले गृह मंत्री जी परमेश्वर ने विधान सौधा में एक अहम बैठक बुलाई थी। इस बैठक में KSCA के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद, सचिव, पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी और आरसीबी टीम के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बैठक में स्टेडियम में मैच कराने की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि वे कैबिनेट के फैसले का इंतजार कर रहे थे और अब जो फैसला आया है, वह बेहद Positive है। उन्होंने सरकार और गृह मंत्री का धन्यवाद भी किया।
Chinnaswamy Stadium IPL: पिछले हादसे के बाद सख्ती

पिछले साल जून में RCB की IPL जीत के जश्न के दौरान स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी। इसके बाद स्टेडियम में क्रिकेट गतिविधियां रोक दी गई थीं।
इसी घटना के बाद एक जांच रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़ी कमियों की ओर इशारा किया गया। अब सरकार उन्हीं सुझावों को लागू कर रही है। स्टेडियम में एंट्री गेट्स की संख्या, टिकट सिस्टम, पुलिस तैनाती और इमरजेंसी व्यवस्था को पहले से बेहतर बनाने की योजना है।

IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में हजारों लोग स्टेडियम पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। सरकार का साफ कहना है कि खेल और दर्शकों की सुरक्षा दोनों साथ-साथ जरूरी हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले आईपीएल सीजन में बेंगलुरु का यह मशहूर मैदान किस तरह नई तैयारी के साथ वापसी करता है।
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