Bangladesh T20 World Cup dispute: T20 World Cup 2026 को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और बांग्लादेश के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले ICC ने टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह Scotland को शामिल करने का फैसला लिया। इसके बाद बांग्लादेश ने खुलकर इसका विरोध किया और मांग की कि उनके मैच श्रीलंका में कराए जाएं। लेकिन ICC ने इस मांग को नहीं माना। अब इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है।
ICC Bangladesh T20 World Cup dispute: ICC और बांग्लादेश के बीच बढ़ता विवाद

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी ने T20 World Cup 2026 के लिए आवेदन करने वाले बांग्लादेशी पत्रकारों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। इस टूर्नामेंट का आयोजन 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में होना है। कहा जा रहा है कि यह फैसला बांग्लादेश के सख्त रुख के बाद लिया गया है। इस वजह से बांग्लादेश के खेल पत्रकार इस बड़े टूर्नामेंट की रिपोर्टिंग नहीं कर पाएंगे।
ICC Bangladesh T20 World Cup dispute: पत्रकारों में नाराज़गी, सवालों के घेरे में ICC

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB ) की मीडिया समिति के चेयरमैन Amzad Hossain ने बताया कि इस साल करीब 130 से 150 पत्रकारों ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए आवेदन किया था। लेकिन उनकी जानकारी के अनुसार, किसी भी पत्रकार को मान्यता नहीं मिली। यह खबर सामने आते ही बांग्लादेशी पत्रकारों में गहरी नाराज़गी देखने को मिली।
मामला यहीं नहीं रुका। कुछ फोटो पत्रकारों को पहले मंजूरी मिल गई थी, लेकिन बाद में उनकी मान्यता भी रद्द कर दी गई। एक पत्रकार ने बताया कि उन्हें पहले आईसीसी की तरफ से ईमेल आया था, जिसमें वीज़ा से जुड़ा पत्र भी शामिल था। लेकिन कुछ दिन बाद दूसरा ईमेल आया, जिसमें उनका आवेदन खारिज होने की बात कही गई। इससे साफ है कि फैसले अचानक बदले गए, जिससे पत्रकारों को काफी परेशानी हुई।

बांग्लादेश के वरिष्ठ खेल पत्रकार और बांग्लादेश स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरिफुर रहमान बाबू ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह 1996 वर्ल्ड कप से लेकर अब तक कई आईसीसी टूर्नामेंट कवर कर चुके हैं। उनके अनुसार, भले ही कोई टीम टूर्नामेंट में न खेल रही हो, फिर भी उस देश के पत्रकारों को मान्यता मिलती रही है। ऐसे में सभी बांग्लादेशी पत्रकारों को एक साथ बाहर करना समझ से परे है।
आरिफुर ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की और कहा कि वह इस मुद्दे पर बांग्लादेश के अन्य पत्रकार संगठनों से बात करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। वहीं, अब तक आईसीसी के मीडिया विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह फैसला निष्पक्ष है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
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