Alyssa Healy ODI farewell: ऑस्ट्रेलिया की स्टार विकेटकीपर और कप्तान Alyssa Healy ने अपने करियर की आखिरी सीरीज में भी वही किया, जो वह सालों से करती आई हैं टीम को शानदार शुरुआत दी और मैच पर अपनी छाप छोड़ दी। Healy पूरी सीरीज के दौरान अपने रिटायरमेंट, रिकॉर्ड या विरासत की बातों से दूर रहीं। उनका फोकस सिर्फ खेल पर था।
रविवार को होबार्ट में जब टॉस के समय उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें एहसास हो रहा है कि वह आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया की ग्रीन और गोल्ड जर्सी पहन रही हैं, तो उन्होंने बड़ी सादगी से जवाब दिया कि आज टीम में एक नई खिलाड़ी डेब्यू कर रही है, इसलिए बात उसी पर होनी चाहिए। लेकिन दिन के अंत में चर्चा फिर भी हीली की ही हुई।
Alyssa Healy ODI farewell:आखिरी मैच में भी वही पुराना अंदाज़
हीली ने अपनी पारी की शुरुआत बहुत समझदारी से की। वह शुरुआत में हर गेंद पर एक रन की रफ्तार से खेलती रहीं। उन्होंने मैदान के दोनों तरफ, खासकर स्क्वायर एरिया में, शानदार कट और पुल शॉट लगाए। पहले 50 रन बनाने में उन्होंने 49 गेंदें लीं।
उस समय तक वह पूरी तरह कंट्रोल में दिख रही थीं। कोई जल्दबाज़ी नहीं, कोई जोखिम नहीं। लेकिन जैसे ही उन्होंने सेट होकर क्रीज पर समय बिताया, उनका गियर बदल गया। अगले 50 रन उन्होंने सिर्फ 30 गेंदों में बना दिए। यह असली हीली स्टाइल था तेज, साफ और आत्मविश्वास से भरा हुआ।
उनकी कई चौके लेग साइड में आए, जहां उन्होंने गैप ढूंढकर गेंद को बाउंड्री के पार भेजा। दर्शक हर शॉट पर तालियां बजा रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे वह अपने करियर की कहानी को खुद अपने बल्ले से लिख रही हों।
Alyssa Healy ODI farewell: करियर का शानदार अंत
हीली ने अपना वनडे करियर 2010 में शुरू किया था। उस समय महिला क्रिकेट में रन बनाने की रफ्तार आज जितनी तेज नहीं थी। फिर भी उन्होंने अपने पूरे करियर में आक्रामक अंदाज बनाए रखा। उनका वनडे करियर 100 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट के साथ खत्म हुआ जो अपने आप में बड़ी बात है।
100.69 का स्ट्राइक रेट बताता है कि उन्होंने सिर्फ टिककर नहीं खेला, बल्कि हमेशा टीम के लिए तेज रन बनाए। एक ओपनर के तौर पर उन्होंने कई बार टीम को मजबूत शुरुआत दी। विकेट के पीछे भी वह उतनी ही तेज और चुस्त रहीं।
इस आखिरी सीरीज में भी उन्होंने अपने बारे में कम और टीम के भविष्य के बारे में ज्यादा बात की। यही उनकी खासियत रही है टीम पहले, खुद बाद में।
होबार्ट का यह दिन उनके फैंस के लिए खास बन गया। मैदान पर खड़े होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए हर पल को जिया। कोई बड़ी भावुक स्पीच नहीं, कोई ड्रामा नहीं बस बल्ले से जवाब।
Also Read: संजू सैमसन की शानदार पारी से टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा भारत
