BPL Father Son Duo: क्रिकेट में कई यादगार Partnership देखने को मिलती हैं, लेकिन जब मैदान पर बाप और बेटा साथ बैटिंग करें, तो वह पल बहुत खास बन जाता है। बांग्लादेश प्रीमियर लीग 2025-26 में ऐसा ही एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। अफगानिस्तान के खिलाड़ी Mohammad Nabi और उनके 19 साल के बेटे हसन ईसाखिल ने एक ही टीम के लिए एक साथ बल्लेबाज़ी की और इतिहास जैसा पल बना दिया।
नोआखाली एक्सप्रेस और ढाका कैपिटल्स के बीच खेले गए इस मुकाबले में Mohammad Nabi और Hassan Eisakhil ने चौथे विकेट के लिए 53 रन की तेज़ साझेदारी की। यह साझेदारी सिर्फ 30 गेंदों में पूरी हुई। मैदान पर बाप बेटे की समझ और तालमेल साफ दिखाई दे रहा था। Fans के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक इमोशनल पल भी था।
यह मुकाबला Hassan Eisakhil का बांग्लादेश प्रीमियर लीग में पहला मैच था। पहले ही मैच में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दूसरी ओर, 41 साल के मोहम्मद नबी ने अपने अनुभव से बेटे का साथ दिया और टीम को मज़बूत स्थिति में पहुँचाया।
BPL Father Son Duo: हसन ईसाखिल की शानदार पारी और नोआखाली की जीत

नोआखाली एक्सप्रेस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन असली खेल तब शुरू हुआ जब हसन ईसाखिल क्रीज़ पर जम गए। उन्होंने 60 गेंदों में 92 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाज़ी में संयम भी था और ज़रूरत पड़ने पर आक्रामक शॉट्स भी देखने को मिले।

हसन को सौम्य सरकार का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने सिर्फ 25 गेंदों में 48 रन बनाए। दोनों के बीच 101 रन की अहम साझेदारी हुई, जिससे नोआखाली एक्सप्रेस 20 ओवर में 184 रन बना पाई। ढाका कैपिटल्स के गेंदबाज़ों ने कोशिश की, मोहम्मद सैफुद्दीन और ताइजुल इस्लाम ने दो-दो विकेट भी लिए, लेकिन बड़ा स्कोर बनने से नहीं रोक सके।
BPL Father Son Duo

लक्ष्य का पीछा करने उतरी ढाका कैपिटल्स की टीम शुरू से ही दबाव में दिखी। विकेट लगातार गिरते रहे और कोई भी बल्लेबाज़ लंबी पारी नहीं खेल पाया। अंत में मोहम्मद सैफुद्दीन ने 20 गेंदों में 34 रन बनाकर थोड़ी लड़ाई दिखाई, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास साथ नहीं मिला।
नोआखाली की गेंदबाज़ी काफी अनुशासित रही। हसन महमूद ने 3.2 ओवर में 21 रन देकर 2 विकेट लिए, वहीं मोहम्मद नबी ने भी 4 ओवर में 23 रन देकर 2 अहम विकेट झटके। पूरी ढाका टीम 18.2 ओवर में 143 रन पर सिमट गई और नोआखाली एक्सप्रेस ने यह मैच 41 रन से जीत लिया।
यह जीत नोआखाली की लगातार दूसरी जीत थी, जो छह मैचों की हार के बाद आई। हालांकि टीम अभी भी अंक तालिका में नीचे है, लेकिन इस जीत ने उनके आत्मविश्वास को ज़रूर मज़बूत किया है। पिता-पुत्र की यह जोड़ी आने वाले मैचों में भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनी रहेगी।
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