Arshdeep Singh on Team Selection: गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद टीम इंडिया में चयन को लेकर उठ रहे सवालों पर अब अर्शदीप सिंह ने भी चुप्पी तोड़ दी है। लगातार टीम में अंदर–बाहर किए जाने को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया, तो बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने मुस्कुराते हुए ऐसा जवाब दिया, जिसे कई लोग गौतम गंभीर पर तंज के तौर पर देख रहे हैं। अर्शदीप ने कहा, “जैसे मैं टीम में अंदर-बाहर होता रहता हूं, वैसे ही मेरी गेंद भी अंदर-बाहर जाती है। इसका भी अपना फायदा है, इसलिए मैं इसे एन्जॉय कर रहा हूं।”
Arshdeep Singh on Team Selection: प्रदर्शन में नहीं आई कमी
अर्शदीप के इस बयान ने साफ कर दिया कि चयन में अनिश्चितता के बावजूद उनके आत्मविश्वास में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि टीम से बाहर होने का असर उनकी स्विंग क्षमता पर नहीं पड़ा है। आंकड़े भी अर्शदीप की बातों की गवाही देते हैं। 73 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 111 विकेट लेकर वह इस फॉर्मेट में भारत के सबसे सफल गेंदबाज हैं। इसके बावजूद हाल के महीनों में टीम कॉम्बिनेशन के नाम पर उन्हें कई बार नजरअंदाज किया गया।
साल 2025 में भारत ने 21 टी20 मुकाबले खेले, लेकिन अर्शदीप को सिर्फ 13 मैचों में ही मौका मिला। यहां तक कि एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भी वह ज्यादातर मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 में जीत के बाद अर्शदीप ने कहा कि उनका काम सिर्फ तैयार रहना है। “टीम जब भी नई या पुरानी गेंद से गेंदबाजी की जिम्मेदारी देगी, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा। मेरा फोकस सिर्फ उन चीजों पर है जो मेरे कंट्रोल में हैं।”
अपनी रणनीति का किया खुलासा
पिच और हालात पर बात करते हुए अर्शदीप ने माना कि बल्लेबाजों के लिए मददगार विकेट पर गेंदबाजी आसान नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऐसी पिचों पर रणनीति सबसे अहम होती है और अगर प्लान सही से लागू हो जाए, तो नतीजे भी मिलते हैं। कुल मिलाकर, अर्शदीप सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखते हुए यह साफ कर दिया कि चयन की उठापटक से वह परेशान नहीं हैं, लेकिन उनका बयान टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ के लिए एक मजबूत संदेश जरूर छोड़ गया है।
Also Read: ‘मदद करो सर…’ रोहित शर्मा पर चिल्लाई महिला, अचानक हुए हमले से हिल गए हिटमैन
