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Sudarshan को मौका या Nair को आखिरी Chance? Coach ने दी बड़ी Hint

By Anjali Maikhuri

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भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज़ में करुण नायर का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। तीन टेस्ट मैचों के बाद उन्होंने कुल 131 रन बनाए हैं, जो कि उनके स्तर के बल्लेबाज़ के लिए काफी कम है। उनका औसत 22 से भी नीचे है। हालांकि उन्होंने 249 गेंदों का सामना किया, लेकिन इंग्लैंड के तेज़ और स्विंग गेंदबाज़ों के सामने वे संघर्ष करते दिखे। आठ साल बाद दोबारा टेस्ट टीम में जगह बनाना उनके लिए बड़ी बात थी, लेकिन अब महज कुछ हफ्तों में ही उनकी जगह पर सवाल उठने लगे हैं।

टीम के सहायक कोच रयान टेन डोसेट का कहना है कि भले ही भारत सीरीज़ में 1-2 से पीछे है, फिर भी टीम का आत्मविश्वास बना हुआ है। उन्होंने बताया कि नायर के खेलने का तरीका और उनका रिदम अच्छा है, लेकिन टीम को उनसे और भी ज़्यादा रन की उम्मीद है। लॉर्ड्स और हेडिंगली जैसे मैचों में भारत ने एक ही सत्र में कई विकेट गंवाए और यही वजह रही कि वो मैच हार गया। कोच का मानना है कि टीम को अपनी छोटी-छोटी गलतियों को सुधारने की जरूरत है और उन्हें उन चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए जो अभी तक सही हो रही हैं।

नंबर तीन पर खेलने वाले नायर से टीम को स्थिरता की उम्मीद थी, लेकिन अब जब भारत सीरीज़ में पिछड़ गया है, तो टीम मैनेजमेंट के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्या नायर को एक और मौका दिया जाए या फिर युवा बल्लेबाज़ साई सुधर्शन पर भरोसा किया जाए? सुदर्शन ने पहला टेस्ट खेला था , लेकिन उन्हें बाद में बाहर कर दिया गया था ताकि एक और बल्लेबाज़ को नीचे क्रम में जगह दी जा सके।

Sai Sudarshan

अब जब चौथा टेस्ट 23 जुलाई से शुरू होना है, तो यह फैसला करना जरूरी हो गया है कि नायर को टीम में बनाए रखा जाए या फिर सुधर्शन को वापस मौका दिया जाए। सुधर्शन युवा हैं और उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा सकता है। वहीं नायर के पास खुद को साबित करने का शायद आखिरी मौका हो।

पूर्व भारतीय विकेटकीपर और अब कमेंटेटर दीप दासगुप्ता का भी मानना है कि टीम को अब सुधर्शन में निवेश करना चाहिए। उनका कहना है कि सुधर्शन ने जब भी मौका मिला, वो सहज नजर आए। वे युवा हैं और अगले कुछ सालों में इंग्लैंड दौरे पर लौटने की संभावना भी उन्हीं की ज्यादा है।

चौथे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के सामने अब यह अहम फैसला है कि अनुभव को तवज्जो दी जाए या भविष्य की तैयारी शुरू की जाए। करुण नायर के पास खुद को साबित करने का मौका है, लेकिन अगर वो चूक गए, तो साई सुधर्शन का समय शुरू हो सकता है।