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RCB की हार पर कप्तान पाटीदार ने बल्लेबाजों को ठहराया जिम्मेदार

By Darshna Khudania

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एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को दिल्ली कैपिटल्स ने 6 विकेट से हराया। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने बल्लेबाजों की खराब प्रदर्शन पर निराशा जताई। दिल्ली के स्पिनर कुलदीप यादव और विपराज निगम की बेहतरीन गेंदबाजी और केएल राहुल की 93 रनों की पारी ने जीत में अहम भूमिका निभाई।

10 अप्रैल, गुरुवार को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को दिल्ली कैपिटल्स के हाथों 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार इस बात से खुश नहीं थे की उनके बल्लेबाज़ों ने उस वक्त विकेट गंवाए जब सब कुछ नियंत्रण में था।  दिल्ली कैपिटल्स से मिली 6 विकेट की हार के बाद रजत ने कहा ये स्वीकार्य नहीं है।  

दिल्ली के स्पिनर कुलदीप यादव और विपराज निगम ने बेहतरीन गेंदबाज़ी की वही केएल राहुल ने भी 93 रनों की मैच जीताऊ पारी खेली। दिल्ली की धुआँधार बैटिंग के चलते टीम ने 13 गेंद शेष रहते हुए RCB को उनके ही घर में हरा दिया। 

Rajat Patidar

मैच के बाद पाटीदार ने कहा, “हमने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। बल्लेबाजों की मानसिकता अच्छी है, उन्होंने अच्छा इरादा दिखाया है। एक विकेट पर 60 रन और फिर चार विकेट पर 90 रन, यह स्वीकार्य नहीं है।”

आरसीबी के सलामी बल्लेबाज़ फील साल्ट ने पावरप्ले ओवरों में दिल्ली के गेंदबाज़ो के खिलाफ काफी रन बनाए और टीम को चौथे ओवर में ही 61 रन पर पहुंचा दिया। लेकिन इसके बाद टीम ने 91 रनों पर ही 4 विकेट गंवा दिए। इसके बाद उनकी लय खो गई और स्कोर 169 तक ही पहुंच पाया।

Rajat Patidar

पाटीदार ने मैच के बाद कहा, “हमें लगा कि यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा ट्रैक होगा। हम परिस्थितियों और स्थिति का आकलन करने में विफल रहे।” इसके बाद उन्होंने डेविड की तारीफ़ करते हुए कहा, “डेविड ने जिस तरह से अंत में तेजी दिखाई, वह वाकई कमाल का था और पावरप्ले में जिस तरह से हमारे तेज गेंदबाजों ने गेंदबाजी की, वह वाकई खास था।”

प्लेयर ऑफ द मैच केएल राहुल ने मैच के बाद कहा, “यह थोड़ा मुश्किल विकेट था, लेकिन मुझे 20 ओवर तक स्टंप के पीछे रहकर यह देखने में मदद मिली कि विकेट कैसे खेल रहा है। गेंद विकेट पर टिकी हुई थी, लेकिन यह पूरे समय एक जैसी थी, यह एक ही गति से चल रही थी। यह थोड़ा मुश्किल विकेट था, लेकिन मुझे 20 ओवर तक स्टंप के पीछे रहकर यह देखने में मदद मिली कि विकेट कैसे खेल रहा है। गेंद विकेट पर टिकी हुई थी, लेकिन यह पूरे समय एक जैसी थी, यह एक ही गति से चल रही थी।”

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